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एपस्टीन फाइल्स से नेताओं-उद्योगपतियों की नींद उड़ी

ट्रम्प समेत कई वैश्विक हस्तियों की बढ़ी बेचैनी, क्या भारत से भी सामने आएगा कोई नाम?

अमेरिका में कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने की घड़ी नजदीक आ गई है। अमेरिकी न्याय विभाग को 30 दिन की तय समयसीमा के भीतर एपस्टीन से जुड़े हजारों गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने हैं। यह डेडलाइन अब सिर्फ दो दिन दूर है।

इन फाइलों में ईमेल, तस्वीरें, गवाहों के बयान और कई संवेदनशील दस्तावेज शामिल हो सकते हैं, जो दशकों तक चल रहे उस नेटवर्क की परतें खोलेंगे, जिसमें नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे थे।

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शुरुआती तस्वीरों से मचा था हड़कंप

हाल ही में एपस्टीन की संपत्ति से जुड़ी कुछ तस्वीरें सार्वजनिक हुई थीं, जिनमें अमेरिका के पूर्व और मौजूदा नेताओं, अरबपतियों और प्रभावशाली लोगों के साथ उसकी मौजूदगी सामने आई थी। इन तस्वीरों में डोनाल्ड ट्रम्प, बिल क्लिंटन, बिल गेट्स और ब्रिटिश शाही परिवार के एक सदस्य जैसे नामों की मौजूदगी ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर दी।

हालांकि अब तक किसी भी तस्वीर या दस्तावेज को सीधे तौर पर अपराध का सबूत नहीं माना गया है, लेकिन सवाल यह जरूर उठ रहे हैं कि एपस्टीन के इतने करीब ये ताकतवर लोग कैसे थे।

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क्या भारतीय नाम भी आ सकते हैं सामने?

अब तक आधिकारिक रूप से किसी भारतीय नेता या उद्योगपति का नाम सामने नहीं आया है। हालांकि कुछ राजनीतिक बयानों के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि एपस्टीन नेटवर्क के तार अमेरिका के बाहर तक फैले हो सकते हैं। इसी वजह से भारत समेत कई देशों में इन फाइलों को लेकर खास नजर रखी जा रही है।

अमेरिकी न्याय विभाग ने फिलहाल किसी विदेशी नागरिक के नाम को लेकर कोई पुष्टि नहीं की है।

क्यों ट्रम्प भी नहीं रोक पाए फाइलें?

एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने वाला कानून अमेरिकी संसद के दोनों सदनों से भारी बहुमत से पास हुआ था। ऐसे में राष्ट्रपति के पास इसे रोकने का कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं बचा। नियम के मुताबिक, न्याय विभाग को तय समय के भीतर सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने ही होंगे।

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एपस्टीन केस: कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

इस मामले की शुरुआत 2005 में फ्लोरिडा से हुई, जब एक नाबालिग लड़की के शोषण की शिकायत सामने आई। जांच आगे बढ़ी तो दर्जनों लड़कियों ने एपस्टीन के खिलाफ आरोप लगाए।

जांच में खुलासा हुआ कि एपस्टीन अपने आलीशान घरों और निजी जेट के जरिए लड़कियों को प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाता था। उसकी करीबी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल भी इस नेटवर्क में अहम भूमिका निभाती थी।

रहस्यमयी मौत ने बढ़ाया शक

2019 में दोबारा गिरफ्तारी के बाद एपस्टीन की मौत जेल में हो गई। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन सुरक्षा चूक, कैमरों का बंद होना और मेडिकल रिपोर्ट्स ने इस दावे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसी के बाद यह मामला वैश्विक साजिश और सत्ता संरक्षण के प्रतीक के रूप में देखा जाने लगा।

अब सबकी नजरें आने वाले खुलासों पर

न्याय विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि एपस्टीन से जुड़ा रिकॉर्ड बेहद विशाल है। ऐसे में माना जा रहा है कि फाइलें खुलते ही कई नए नाम, रिश्ते और तथ्य सामने आ सकते हैं।

अब सवाल सिर्फ इतना है—
क्या ये फाइलें दुनिया की ताकतवर हस्तियों के सच को उजागर करेंगी, या फिर कई राज हमेशा की तरह धुंध में ही रह जाएंगे?


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