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6 से 15 फरवरी तक होगा दिव्य श्रृंगार

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार शिव नवरात्रि का 10 दिवसीय भव्य महोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व 6 फरवरी से 15 फरवरी तक चलेगा और इस दौरान भगवान महाकाल का रोजाना विशेष पूजा और दिव्य श्रृंगार किया जाएगा।

मंदिर प्रशासन ने पर्व को सुव्यवस्थित और भव्य तरीके से सम्पन्न कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। तैयारियों में मुख्य शिखर की धुलाई, मंदिर परिसर की रंग-रोगन, कोटितीर्थ कुंड की सफाई और आसपास के क्षेत्रों की सफाई शामिल हैं।

पर्व के दौरान भगवान महाकाल को 10 दिन तक अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगारित किया जाएगा। भगवान शिव के विवाह उत्सव का आरंभ कोटेश्वर महादेव के पूजन से होगा।

शिव नवरात्रि 2026 का कार्यक्रम:

  • 6 फरवरी: भांग-चंदन श्रृंगार – कोटितीर्थ महादेव का पूजन, रूद्राभिषेक।

  • 7 फरवरी: नवीन वस्त्र – भगवान महाकाल को नए वस्त्र पहनाकर पूजा।

  • 8 फरवरी: शेषनाग श्रृंगार – मुकुट, मुंडमाल और फलों की माला के साथ।

  • 9 फरवरी: घटाटोप श्रृंगार – कटरा, मेखला, दुपट्टा, मुकुट आदि के साथ दर्शन।

  • 10 फरवरी: छबीना श्रृंगार – पीले वस्त्र में भगवान के दर्शन।

  • 11 फरवरी: होलकर श्रृंगार – मन महेश स्वरूप का श्रृंगार।

  • 12 फरवरी: मनमहेश श्रृंगार – उमा-महेश स्वरूप में दर्शन।

  • 13 फरवरी: उमा महेश श्रृंगार – लाल वस्त्र में होल्कर स्वरूप।

  • 14 फरवरी: शिव तांडव श्रृंगार – शिव तांडव रूप में दर्शन।

  • 15 फरवरी: सप्तधान मुखौटा – महाशिवरात्रि पर निराकार स्वरूप में दर्शन; लगभग 44 घंटे तक दर्शन का सिलसिला।

इस बार का शिव नवरात्रि महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से आकर्षक रहेगा, जिसमें भगवान महाकाल के विभिन्न रूपों का दिव्य श्रृंगार और दर्शन देखने को मिलेगा।


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