दो साल पहले जब मोहन यादव को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया, तो राज्य की जनता ने उनसे उम्मीदें बांधी थीं। यह कार्यकाल केवल समय की गिनती नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और जनता के लिए ठोस कदम का प्रतीक बनकर उभरा। इन दो वर्षों में सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, अवसंरचना और पर्यावरण के क्षेत्रों में कई बड़े सुधार किए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं मोहन यादव सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में।
सीएम मोहन यादव | दो वर्ष का कार्यकाल
“अगले पाँच वर्षों में जीएसडीपी और किसानों की आय दोगुनी करना हमारा लक्ष्य”
प्रदेश की पिछली भाजपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव ने दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रशासनिक सक्रियता, नीतिगत आक्रामकता और समन्वय को नई रफ्तार दी। केंद्रीय नेतृत्व के साथ लगातार संवाद, केन–बेतवा नदी लिंक परियोजना में तेजी और किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयास उनके कार्यकाल की मुख्य पहचान रहे हैं।
दो वर्ष पूरे होने पर उन्होंने विभिन्न मुद्दों—नक्सलवाद, औद्योगिक विकास, शासन सुधार, किसानों की आय और आगामी सिंहस्थ—पर विस्तृत बातचीत की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश:

किसानों की आय दोगुनी — कैसे?
मुख्यमंत्री का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने का सबसे बड़ा आधार लागत में कमी और सिंचाई की उपलब्धता है।
केन–बेतवा नदी लिंक परियोजना तेज गति से बढ़ रही है।
पर्याप्त पानी मिलने से फसल चक्र तीन बार संभव होगा।
प्रवासी मजदूरी कम होगी और स्थानीय स्तर पर ही रोजगार बढ़ेगा।
लागत घटने और उत्पादन बढ़ने से किसानों की नेट इनकम स्वाभाविक रूप से दोगुनी हो सकती है।
वे कहते हैं—“हम पहले ही कई ज़िलों में यह परिवर्तन दिख रहे हैं। आने वाले वर्षों में इसका लाभ हर किसान तक पहुंचेगा।”

औद्योगिक विकास की रफ्तार
सीएम बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में:
प्रदेश में औद्योगिक वृद्धि दर उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है।
बड़ी कंपनियों और स्टार्टअप्स दोनों के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम को और मजबूत किया गया है।
निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक निवेशकों से लगातार संवाद हो रहा है।
वे स्पष्ट करते हैं कि "सरकार केवल उद्योग लगाने की बात नहीं करती, बल्कि यह सुनिश्चित करती है कि उद्योगों से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले और ज़िला स्तर पर आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ें।"

नक्सलवाद का अंत—बड़ा मील का पत्थर
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश ने पिछले दो वर्षों में नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार किया है।
हाल ही में बालाघाट के दो अंतिम सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
वे कहते हैं—
“हमने न सिर्फ़ सुरक्षा दृष्टि से कड़ा कदम उठाया, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की पहलों से नक्सल प्रभावित इलाकों को मुख्यधारा में लाया। अब मध्य प्रदेश पूरी तरह नक्सल-मुक्त है।”

अच्छा शासन—जनता के लिए जवाबदेही
सीएम बताते हैं कि प्रदेश में शासन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं:
मंत्री और दो वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मुख्यमंत्री निवास पर बैठकर शिकायतें सुनते हैं।
जन-अभियोगों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया गया है।
विभागों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल प्रक्रियाएँ लागू की गई हैं।
“हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि सरकार और जनता के बीच की दूरी न्यूनतम रहे।”

प्रधानमंत्री की पहलें और नई परियोजनाएँ
25 दिसंबर, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती है, उस दिन गृहमंत्री अमित शाह ₹2,000 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री कहते हैं—“यह अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार प्रदेश के विकास के लिए लगातार सहयोग दे रही है।”

लाड़ली बहना योजना—महिलाओं के हाथ में सशक्तिकरण
सीएम बताते हैं:
योजना न केवल जारी है, बल्कि भत्ते को ₹1,250 से बढ़ाकर ₹1,500 कर दिया गया है।
यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम साबित हुई है।
लाखों परिवारों में स्वावलंबन बढ़ा है।

उज्जैन और सिंहस्थ 2028—वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन
मोहन यादव कहते हैं:
“मैं उज्जैन का बेटा हूँ। मेरे लिए सिंहस्थ सिर्फ़ स्नान का पर्व नहीं, बल्कि वैदिक ज्ञान, परंपरा, विज्ञान और भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का अवसर है।”
सिंहस्थ 2028 को ग्लोबल स्पिरिचुअल इवेंट बनाने की तैयारी जारी है।
केशवानी, ज्योतिर्लिंग क्षेत्र, कुंड क्षेत्रों और नगर की व्यवस्था, परिवहन और सुरक्षा के लिए व्यापक योजना बन चुकी है।

जनहित की योजनाएँ—जमीन पर असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि दो वर्षों में:
जल जीवन मिशन से घर-घर नल कनेक्शन का दायरा बढ़ा।
शिक्षा और स्वास्थ्य के नए संस्थान खोले गए।
कन्या शिक्षा, किसानों के हित, स्वरोज़गार और खेल सुविधाओं में बड़ा निवेश हुआ।
भोपाल झील में अब शिकारा पर्यटन शुरू हो चुका है—“पहले किसी ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी।”

पुलिस सुधार और कानून व्यवस्था
सीएम ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर शून्य-सहिष्णुता की नीति है।
पुलिस बल को तकनीक, उपकरण और प्रशिक्षण से मज़बूत किया गया है।
अपराध में कमी आई है।
प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खेल, युवा और सांस्कृतिक क्षेत्र
सरकार द्वारा:
नई खेल अकादमियाँ
ग्रामीण खेल मैदान
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं
पुरातत्व और पर्यटन स्थलों के पुनरोद्धार
पर तेज़ी से काम किया जा रहा है।

जल, जंगल और पर्यावरण संरक्षण
सीएम ने बताया कि नर्मदा सेवा मिशन के तहत:
नदी किनारे वृक्षारोपण और संरक्षण
जल–संरचना का विस्तार
वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास
पर बड़े कदम उठाए गए हैं।

दो वर्षों में प्रदेश ने नक्सलवाद, औद्योगिक विकास, किसान हित, महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढाँचा और सुशासन—हर क्षेत्र में ठोस प्रगति की है।
मुख्यमंत्री का कहना है—
“हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—अगले पाँच वर्षों में मध्य प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से नई ऊँचाइयों पर ले जाना।”