मध्यप्रदेश में प्रशासनिक कसावट की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज से अपने मंत्रियों और विभागों के परफॉर्मेंस रिव्यू की शुरुआत कर रहे हैं। सरकार के दो साल पूरे होने से पहले यह बड़ा मूल्यांकन अभियान माना जा रहा है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में प्रशासनिक फेरबदल और विभागीय बदलावों के रूप में दिख सकता है।
⏩ शुरुआती चार मंत्रियों का मूल्यांकन आज
मंगलवार से शुरू हो रहे पहले चरण में जिन चार मंत्रियों का कार्यकाल और विभागीय कामकाज समीक्षा के दायरे में है, वे हैं—
प्रहलाद पटेल (पंचायत एवं ग्रामीण विकास)
उदय प्रताप सिंह (स्कूल शिक्षा)
तुलसी सिलावट (नर्मदा घाटी विकास, जल संसाधन)
प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा)
इनसे दो साल का पूरा लेखा-जोखा लिया जाएगा और प्रत्येक विभाग अपनी उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजना का प्रजेंटेशन देगा।
⏩ रिव्यू का उद्देश्य क्या है?
सीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि समीक्षा केवल फॉर्मेलिटी न होकर, अगले तीन साल के स्पष्ट रोडमैप के साथ होनी चाहिए। बैठक के मुख्य बिंदु होंगे—
दो साल में किए गए प्रमुख कार्य
जनता के हित में लागू योजनाओं का असर
विभागों की कमियों और चुनौतियों की पहचान
सुधार के लिए ठोस प्लान
2026–2029 की टारगेट आधारित रणनीति
विभाग को ‘बेस्ट परफॉर्मिंग’ बनाने का रोडमैप
⏩ अगले चरण में बुधवार को 6 विभागों की समीक्षा
बुधवार को निम्न मंत्रियों के विभागों का रिव्यू होगा—
राजेंद्र शुक्ल (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा)
विश्वास सारंग (सहकारिता)
निर्मला भूरिया (महिला एवं बाल विकास)
कृष्णा गौर (OBC एवं अल्पसंख्यक कल्याण)
नारायण कुशवाहा (सामाजिक न्याय)
ऐदल सिंह कंसाना (कृषि एवं उद्यानिकी)
हर विभाग अपनी प्रगति और समस्याओं की रिपोर्ट सीएम के सामने रखेगा।
⏩ खजुराहो में होगा दूसरा बड़ा रिव्यू राउंड — 8 और 9 दिसंबर
खजुराहो में होने वाली दो दिवसीय समीक्षा में कई महत्वपूर्ण विभाग शामिल रहेंगे। इनमें प्रमुख हैं—
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति – गोविंद सिंह राजपूत
वाणिज्यिक कर – डिप्टी CM जगदीश देवड़ा
पशुपालन – लखन पटेल
नगरीय विकास – कैलाश विजयवर्गीय
जनजातीय कार्य – विजय शाह
MSME – चैतन्य काश्यप
लोक निर्माण – राकेश सिंह
PHE – संपतिया उइके
इन विभागों से भी उपलब्धियां, लक्ष्य और सुधार की दिशा मांगी जाएगी।
⏩ प्रशासनिक फेरबदल के संकेत
विभागीय रिव्यू के तुरंत बाद—
वरिष्ठ अफसरों की पोस्टिंग,
कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल,
और नई कार्यशैली लागू होने जैसी संभावनाएं जताई जा रही हैं।
सीएम मोहन यादव स्वयं हर बैठक में मौजूद रहेंगे और परफॉर्मेंस के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे।
⏩ क्यों महत्वपूर्ण है यह रिव्यू?
दो साल में सरकार ने किन मोर्चों पर काम किया?
जनता को क्या लाभ मिला?
किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है?
अगले तीन साल का विकास रोडमैप क्या होगा?
इन सवालों के जवाब तय करेंगे कि 2026 में कैसा प्रशासनिक ढांचा तैयार होगा।