भोपाल।
राजधानी भोपाल में मेट्रो सेवा शुरू होने के साथ ही यात्रियों के लिए सख्त नियम और पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। मेट्रो प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षित, अनुशासित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थूकने से लेकर इमरजेंसी बटन तक पर नजर
भोपाल मेट्रो में अगर कोई यात्री स्टेशन या कोच में थूकता है तो उस पर 200 रुपए का जुर्माना लगेगा। वहीं, बिना किसी आपात स्थिति के इमरजेंसी बटन दबाने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, छोटी से बड़ी गलती पर 200 से 10,000 रुपए तक की पेनल्टी का प्रावधान किया गया है।

शराब ले जा सकते हैं, लेकिन शर्तों के साथ
मेट्रो में दो बोतल शराब ले जाने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन ये बोतलें पूरी तरह सीलबंद होनी चाहिए। खुली या इस्तेमाल की गई बोतल मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शराब पीकर या नशे की हालत में सफर करने वाले यात्रियों को मेट्रो में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
पालतू जानवरों के साथ यात्रा नहीं
भोपाल मेट्रो में पालतू पशु-पक्षियों (Pets) के साथ यात्रा की अनुमति नहीं है। प्रशासन का कहना है कि इससे अन्य यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा प्रभावित हो सकती है।
इन वस्तुओं पर पूरी तरह रोक
मेट्रो में सफर करते समय यात्री अपने साथ ये चीजें नहीं ले जा सकेंगे:
पेट्रोल, डीजल या ज्वलनशील पदार्थ
हथियार, विस्फोटक सामग्री
खुले बीड़ी-सिगरेट, माचिस, लाइटर
गुटखा, तंबाकू
ड्रोन, सैटेलाइट फोन, रेडियो संचार उपकरण
प्रोफेशनल कैमरा
खुले खाद्य पदार्थ
हालांकि मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच ले जाने की अनुमति है।
सामान का वजन भी तय
हवाई यात्रा की तरह भोपाल मेट्रो में भी सामान की सीमा तय की गई है। यात्री अधिकतम 25 किलो तक का सामान ही अपने साथ ले जा सकते हैं। इससे ज्यादा वजन पाए जाने पर प्रवेश रोका जा सकता है।
इन यात्रियों को नहीं मिलेगी अनुमति
मेट्रो प्रशासन के अनुसार:
संक्रामक रोग से पीड़ित व्यक्ति
मानसिक रूप से असंतुलित या असंयमी
नशे की हालत में यात्री
इन सभी को मेट्रो में सफर की इजाजत नहीं दी जाएगी।
खेल उपकरण ले जा सकते हैं, लेकिन पैक करके
तीरंदाजी, मार्शल आर्ट, तलवारबाजी, ननचाकू जैसे खेल उपकरण केवल सक्रिय खिलाड़ी या अधिकृत व्यक्ति ही ले जा सकेंगे और वह भी पूरी तरह ढककर या पैक करके।
सभी स्टेशनों पर कड़ी निगरानी
भोपाल मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक है, जिसमें कुल 8 स्टेशन शामिल हैं।
सभी स्टेशनों और मेट्रो कोच में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं
हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश की एक निजी सुरक्षा एजेंसी के करीब 250 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
नियम तोड़ा तो सीधे पुलिस कार्रवाई
स्टेशन मास्टर, कंट्रोलर और असिस्टेंट कंट्रोलर को जुर्माना वसूलने का अधिकार दिया गया है। यदि कोई यात्री जुर्माना देने से इनकार करता है, तो उसे पुलिस के हवाले किया जा सकता है।
सभी नियमों का उल्लंघन मेट्रो रेलवे (परिचालन और अनुरक्षण) अधिनियम 2002 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।
भोपाल मेट्रो प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अनुशासन ही सुरक्षित यात्रा की कुंजी है। थोड़ी-सी लापरवाही न सिर्फ सफर खराब कर सकती है, बल्कि जेब पर भी भारी पड़ सकती है।