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भूमिका चावला @47: 'तेरे नाम' से मिली लोकप्रियता, 'लगे रहो मुन्ना भाई' से हटाए जाने और निजी जीवन की चुनौतियाँ

तेरे नाम’ की ‘निर्जरा’ से शुरू हुई पहचान: जानिए भूमिका चावला की जिंदगी की कहानी

जब भी अभिनेत्री भूमिका चावला का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले याद आती है सलमान खान के साथ उनकी सुपरहिट फिल्म ‘तेरे नाम’ और उसमें निभाया गया भावुक किरदार ‘निर्जरा’। इस रोल ने उन्हें दर्शकों के दिलों में खास जगह दिलाई और रातोंरात उन्हें एक जाना-पहचाना चेहरा बना दिया।

इस सफलता के बाद भूमिका को कई बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स मिले। लेकिन करियर की ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद कुछ फिल्मों से उन्हें बाहर कर दिया गया। कहा जाता है कि ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ और ‘जब वी मेट’ जैसी चर्चित फिल्मों में पहले उनका नाम तय था, लेकिन बाद में उन्हें रिप्लेस कर दिया गया।

आज उनके जन्मदिन के खास अवसर पर आइए नजर डालते हैं उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल जर्नी पर।

शुरुआती जीवन और पृष्ठभूमि

भूमिका चावला का जन्म 21 अगस्त 1978 को दिल्ली में एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय सेना में अधिकारी थे, और उनके परिवार में एक बड़ा भाई और एक बहन हैं।

शुरुआत छोटे पर्दे से

अपने अभिनय करियर की शुरुआत उन्होंने मॉडलिंग और म्यूजिक वीडियो से की। इसके बाद भूमिका ने टीवी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने लोकप्रिय धारावाहिक ‘हिप हिप हुर्रे’ और ‘स्टार बेस्ट सेलर्स - फुर्सत में’ जैसे शोज़ में भी काम किया, जो उस समय युवाओं के बीच खासे चर्चित थे।

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सिनेमा में पहला कदम तेलुगु फिल्मों से रखा

भूमिका चावला ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत हिंदी नहीं, बल्कि तेलुगु सिनेमा से की थी। उनकी डेब्यू फिल्म ‘युवकुडु’ साल 2000 में रिलीज़ हुई थी, जिसमें उन्होंने अभिनेता सुमंत के साथ स्क्रीन शेयर की थी।

इसके बाद 2001 में वह सुपरस्टार पवन कल्याण के साथ फिल्म ‘खुशी’ में नजर आईं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई और भूमिका को साउथ इंडस्ट्री में भी पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

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साउथ में सफलता के बाद तमिल सिनेमा और फिर बॉलीवुड का सफर

तेलुगु फिल्मों में पहचान बनाने के बाद भूमिका चावला ने अपने अभिनय का दायरा बढ़ाया और 2003 में दो चर्चित तेलुगु फिल्मों ‘ओक्काडु’ और ‘सिंहद्री’ में अहम भूमिकाएं निभाईं। इन दोनों फिल्मों ने उनके करियर को और मजबूती दी।

इसी दौर में उन्होंने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में भी कदम रखा। उनकी पहली तमिल फिल्म ‘बद्री’ (2001) थी, जिसमें वह अभिनेता विजय के साथ नजर आईं। इसके बाद 2002 में वह ‘रोजा कूटम’ में दिखाई दीं, जिससे उन्हें तमिल दर्शकों के बीच भी पहचान मिली।

हिंदी फिल्मों में धमाकेदार शुरुआत

दक्षिण भारतीय सिनेमा में अनुभव हासिल करने के बाद भूमिका ने 2003 में बॉलीवुड में कदम रखा। उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘तेरे नाम’ थी, जिसमें उन्होंने सलमान खान के साथ काम किया। इस फिल्म में निभाया गया ‘निर्जरा’ का किरदार दर्शकों को गहराई से छू गया।

‘तेरे नाम’ न सिर्फ साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही, बल्कि इसने भूमिका को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी एक मजबूत पहचान दिलाई।

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तेरे नाम' में भूमिका चावला को कैसे मिला था बड़ा मौका?

एक इंटरव्यू के दौरान भूमिका चावला ने खुलासा किया था कि उन्हें ‘तेरे नाम’ जैसी सुपरहिट फिल्म में कैसे चुना गया। दरअसल, उन्होंने फिल्म के निर्माता सुनील मनचंदा के साथ एक विज्ञापन फिल्म में काम किया था।

इसी बीच निर्देशक सतीश कौशिक ने भूमिका की तेलुगु फिल्म ‘खुशी’ देखी, जिसमें उनकी परफॉर्मेंस ने उन्हें काफी प्रभावित किया। इसके बाद उन्होंने भूमिका को ‘तेरे नाम’ के लिए मुख्य अभिनेत्री के रूप में संपर्क किया। और यहीं से उनके बॉलीवुड करियर की शुरुआत हुई।

‘तेरे नाम’ के बाद का सफर

इस फिल्म की सफलता के बाद भूमिका ने हिंदी सिनेमा में भी अपने पैर जमाने शुरू किए। वह ‘रन’ (2004), ‘दिल ने जिसे अपना कहा’ (2004), ‘सिलसिले’ (2005), और ‘दिल जो भी कहे’ (2005) जैसी फिल्मों में नजर आईं।

सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, उन्होंने साउथ सिनेमा से भी रिश्ता बनाए रखा और ‘ना ऑटोग्राफ’ (2004) और ‘जय चिरंजीवा’ (2005) जैसी तेलुगु फिल्मों में भी काम किया।


 


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