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चुनाव रोकने के लिए यूनुस सरकार ने करवाई हत्या

बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। भारत और शेख हसीना विरोधी नेता उस्मान हादी की हत्या को लेकर उनके भाई शरीफ उमर हादी ने यूनुस सरकार पर सीधे आरोप लगाए हैं। उमर का दावा है कि यह हत्या किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश का हिस्सा है।

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शाहबाग रैली में सरकार पर सीधा हमला

ढाका के शाहबाग इलाके में आयोजित इंकलाब मंच के ‘शहीदी शपथ’ कार्यक्रम में उमर हादी ने कहा कि सरकार के भीतर मौजूद ताकतों ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिलवाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हादी की लोकप्रियता और चुनावी तैयारी कुछ लोगों को रास नहीं आ रही थी।

उमर ने मंच से कहा,
“उस्मान हादी की हत्या आपने ही करवाई है और अब इसी मुद्दे को बनाकर चुनाव को टालने की कोशिश की जा रही है।”

 

फरवरी में चुनाव, पहले ही तेज हुआ राजनीतिक तनाव

बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में हादी की हत्या के बाद राजनीतिक हलचल और विरोध तेज हो गया है। उमर का कहना है कि उनके भाई चाहते थे कि तय समय पर चुनाव हों और उन्होंने प्रशासन से माहौल खराब न करने की अपील भी की थी।

 

न्याय न मिला तो सत्ता नहीं टिकेगी: उमर

उमर हादी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हत्यारों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका राजनीतिक खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा,
“अगर उस्मान हादी को इंसाफ नहीं मिला, तो एक दिन आपको भी देश छोड़ना पड़ेगा।”

 

इंकलाब मंच का अल्टीमेटम

रैली में इंकलाब मंच के सचिव अब्दुल्लाह अल जाबेर ने सरकार को 30 दिनों का समय दिया है। उन्होंने मांग की कि इस अवधि में हत्यारों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। जाबेर ने कहा कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि बांग्लादेश की संप्रभुता को कमजोर करने की गहरी साजिश है।

 

“यह एक व्यक्ति का नहीं, पूरे सिंडिकेट का काम”

जाबेर ने आरोप लगाया कि हादी की हत्या के पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी एक राजनीतिक दल को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन कोई भी दल शक से ऊपर नहीं है। हत्यारों का समर्थन करने वालों को भी कानूनी दायरे में लाने की मांग की गई।

 

12 दिसंबर को हुआ था हमला

उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में उस समय गोली मारी गई, जब वे रिक्शे से जा रहे थे। बाइक सवार हमलावरों ने उन पर फायरिंग की थी। गंभीर रूप से घायल हादी को पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, फिर इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

 

चुनाव लड़ने की तैयारी में थे हादी

हादी इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे और ढाका से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। यह संगठन अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद उभरा और शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के खिलाफ सक्रिय भूमिका में रहा। संगठन राष्ट्रीय संप्रभुता, युवाओं की सुरक्षा और अवामी लीग को राजनीति से बाहर करने की मांग को लेकर चर्चित रहा है।

सड़कों पर उतरने का ऐलान

रैली के अंत में हजारों लोगों ने ‘शहीदी शपथ’ लेते हुए कहा कि जब तक उस्मान हादी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आयोजकों ने साफ कर दिया कि यह लड़ाई अब सड़कों पर लड़ी जाएगी।


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