ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपने पहले भारत दौरे के लिए आज सुबह मुंबई पहुंचे हैं। उनके साथ व्यापार, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों से संबंधित 100 से अधिक लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल आया है, जिसमें आईटी और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों के कारोबारी शामिल हैं।
वीज़ा नीति पर रुख
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने स्पष्ट किया है कि ब्रिटेन भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा नियमों में कोई ढील नहीं देगा। उन्होंने माना कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार और सांस्कृतिक संबंध बढ़ाने के बड़े अवसर हैं, लेकिन फिलहाल भारतीय कामगारों या छात्रों के लिए नए वीज़ा रास्ते खोलने की कोई योजना नहीं है।
व्यापारिक साझेदारी और FTA
स्टार्मर की यह यात्रा जुलाई में हस्ताक्षरित हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय वाणिज्यिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- यह FTA समझौता उसी वर्ष अगस्त में पीएम मोदी के ब्रिटेन दौरे के दौरान स्टार्मर के साथ किया गया था।
- स्टार्मर 9 अक्टूबर को मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे और 'विजन 2030' के तहत साझेदारी के विकास पर चर्चा करेंगे।
- इस विजन का लक्ष्य 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करके 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
- FTA से भारतीय उत्पादों जैसे कपड़ा, चमड़ा और कृषि उत्पादों को ब्रिटेन के बाज़ार में बेचना आसान हो जाएगा।





ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भारत की यात्रा के दौरान स्पष्ट किया कि वीज़ा नीति का भारत के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में कोई स्थान नहीं है, और इस मामले में ब्रिटेन की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन की लेबर सरकार देश में आने वाले प्रवासियों की संख्या कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
तकनीकी प्रतिभा और अर्थव्यवस्था
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका में H-1B वीज़ा नियमों में बदलाव के बाद ब्रिटेन तकनीकी प्रतिभाओं को आकर्षित करने की योजना बना रहा है, तो स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन अपनी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए दुनिया भर से सर्वोत्तम प्रतिभाओं को आकर्षित करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने फिर दोहराया कि भारतीय नागरिकों के लिए नए वीज़ा मार्ग खोलने की कोई योजना नहीं है।
स्टार्मर का कार्यक्रम और व्यापारिक मिशन
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री स्टार्मर आज कूपरेज ग्राउंड में एक फुटबॉल कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं, इसके बाद वह यशराज स्टूडियो का दौरा कर सकते हैं और कई प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। शाम को विदेश मंत्री एस जयशंकर के उनसे मिलने की उम्मीद है।मुंबई आने से पहले, स्टार्मर ने अपने साथ आए प्रतिनिधिमंडल का कॉकपिट में जाकर अनोखे अंदाज़ में स्वागत किया। उन्होंने घोषणा की कि यह कोई साधारण उड़ान नहीं, बल्कि "ब्रिटेन का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक मिशन" है, जो भारत के साथ नए व्यापारिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए आयोजित किया गया है।स्टार्मर ने इस क्षण का वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया और कहा कि वे नए FTA के तहत सभी संभावनाओं को तलाशने के लिए उत्सुक हैं।
भारत दौरे पर आए ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच चार प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होगी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करना है।
प्रमुख चर्चा के मुद्दे
- व्यापार और निवेश: हाल ही में हुए बड़े व्यापार समझौते (CETA) को आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा, ताकि द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाया जा सके। इससे दोनों देशों में दुकानों, कारोबार और रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी।
- तकनीक और इनोवेशन: दोनों देश मिलकर फिनटेक (डिजिटल वित्तीय लेन-देन), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करेंगे।
- रक्षा और सुरक्षा: यह चर्चा आतंकवाद पर रोक लगाने, खालिस्तानी गतिविधियों पर निगरानी रखने और आर्थिक अपराधियों को पकड़ने पर केंद्रित होगी।
- जलवायु, ऊर्जा और सामाजिक संबंध: दोनों नेता पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी दोस्ती को बढ़ावा देने पर भी ध्यान देंगे।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी और स्टार्मर मुंबई में आयोजित हो रहे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में हिस्सा लेंगे।
- यह इवेंट 7 से 9 अक्टूबर तक चलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा फिनटेक समारोह है।
- इसका मुख्य एजेंडा AI-संचालित फाइनेंस को मज़बूत करना है, ताकि वित्तीय तकनीक को अधिक समावेशी, तेज़ और मजबूत बनाया जा सके।
- इस मंच पर वैश्विक नेता, नियामक (रेगुलेटर) और इनोवेटर जुटेंगे और फिनटेक कंपनियों के लिए नए अवसरों की तलाश करेंगे।
इस समारोह में 75 से अधिक देशों से 100,000 से ज़्यादा प्रतिभागियों के आने की उम्मीद है। इसमें लगभग 7,500 कंपनियाँ, 800 वक्ता, 400 प्रदर्शक और भारतीय तथा अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्राधिकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले 70 नियामक शामिल होंगे।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर मुंबई के बाद भारत के टेक्नोलॉजी हब बेंगलुरु जाएँगे, जहाँ उनका ध्यान निवेश और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर रहेगा।उनका मुख्य उद्देश्य भारत-ब्रिटेन टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव (TSI) को गति देना है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। हाल ही में हुए FTA के बाद निवेश बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव (TSI)
भारत और ब्रिटेन ने मिलकर हाल ही में TSI प्रोग्राम शुरू किया है। इसका मकसद AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करना है। स्टार्मर बेंगलुरु में टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स से मिलेंगे और इस प्रोग्राम को तेज़ी से लागू करने की योजना पर काम करेंगे।
निवेश और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन
- निवेश बढ़ाने का लक्ष्य: स्टार्मर ब्रिटिश कंपनियों को भारत में, खासकर टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में, अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। यह कदम भारत में नई नौकरियों के सृजन और अर्थव्यवस्था को लाभ पहुँचाने में सहायक होगा।
स्टार्टअप्स को समर्थन: बेंगलुरु में, स्टार्मर स्टार्टअप्स के साथ बातचीत करेंगे, उन्हें ब्रिटेन में अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों की तलाश करेंगे।
