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वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेंस कंपाउंड टीम ने रचा इतिहास

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भारत को वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में ऐतिहासिक गोल्ड

भारत ने साउथ कोरिया के ग्वांगजू में चल रही वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में पुरुष कंपाउंड टीम इवेंट का पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।

ऋषभ यादव, अमन सैनी और प्रथमेश फुगे की भारतीय टीम ने फाइनल में फ्रांस को 235-233 से हराया। पहले तीन सेटों के बाद स्कोर 176-176 से बराबरी पर था, लेकिन अंतिम सेट में भारत ने 59 अंक हासिल कर फ्रांस (57) पर बढ़त बना ली।

यह मौजूदा टूर्नामेंट में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।

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सेमीफाइनल में दमदार वापसी: तुर्की को हराकर भारत फाइनल में पहुंचा

भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम ने वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में तुर्की को 234-232 से हराकर शानदार अंदाज़ में फाइनल में जगह बनाई। मुकाबले की शुरुआत में एक खराब शॉट के चलते भारत को केवल 7 अंक मिले, लेकिन इसके बावजूद टीम ने संयम नहीं खोया।

अगले तीन सेटों में भारत ने जबरदस्त नियंत्रण दिखाया और केवल एक अंक का नुकसान किया। खास बात यह रही कि आखिरी दो सेटों में भारतीय टीम ने परफेक्ट 120 स्कोर दर्ज कर मुकाबले का पासा पलट दिया।

इससे पहले क्वार्टर फाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को शूट-ऑफ में हराया था, जबकि आठ बार की चैंपियन अमेरिका को सिर्फ एक अंक के अंतर से मात देकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

मिक्स्ड कंपाउंड टीम को सिल्वर, महिला टीम की जल्द विदाई

मिक्स्ड कंपाउंड इवेंट में भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इस इवेंट में ऋषभ यादव और ज्योति सुरेखा वेंनम की जोड़ी ने फाइनल में नीदरलैंड का सामना किया। शुरुआती सेट में भारत ने बढ़त बना ली थी, लेकिन दूसरे सेट में सिर्फ 37 अंक हासिल कर पाने से मैच की दिशा बदल गई। इसके बाद नीदरलैंड ने लगातार तीनों सेटों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की, जिससे भारत को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

महिला टीम का निराशाजनक प्रदर्शन

वहीं, भारतीय महिला कंपाउंड टीम — जिसमें ज्योति सुरेखा वेंनम, परनीत कौर और प्रीतिका प्रदीप शामिल थीं — को राउंड ऑफ 16 में ही टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। मुकाबले में इटली के खिलाफ टीम को 229-233 से हार का सामना करना पड़ा। पहले दो सेटों में भारत सिर्फ 56-56 अंक ही जुटा पाई, जिससे दबाव बढ़ा और इटली ने उस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए जीत हासिल की।

यह प्रदर्शन खास तौर पर इसलिए निराशाजनक रहा क्योंकि पिछले दस वर्षों में यह पहला मौका है जब भारतीय महिला कंपाउंड टीम कोई भी मेडल नहीं जीत पाई। इससे पहले, पिछले चार संस्करणों में यह टीम एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीत चुकी है।


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